जिसे निभा न सकूँ, ऐसा वादा नही करता मैं बातें अपनी औकात से, ज्यादा नहीं करता..!

 जिसे निभा न सकूँ, ऐसा वादा नही करता

मैं बातें अपनी औकात से, ज्यादा नहीं करता..!

भले ही तमन्ना रखता हूं, आसमान छू लेने की

लेकिन, औरों को गिराने का इरादा नहीं करता..





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